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जानिठगरà¥à¤ में किस तरह मूवमेंट करता है शिशà¥, कब होता है पहली किक का अहसास..!
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° महिलाओं को गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ की पहली किक दूसरी तिमाही के 17वें से 22वें हफà¥à¤¤à¥‡ में महसूस होती है. 20वें से 30वें सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ के बीच बचà¥â€à¤šà¥‡ की किक जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तेज होती है.
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान बचà¥à¤šà¥‡ का हिलना-डà¥à¤²à¤¨à¤¾, हिचकियां लेना, किक मारना या कोई अनà¥à¤¯ मूवमेंट हर मां के लिठà¤à¤• खूबसूरत अहसास होता है. हालांकि कई बार इसकी वजह से मां को तेज दरà¥à¤¦ à¤à¥€ बरà¥à¤¦à¤¾à¤¶à¥à¤¤ करना पड़ जाता है. जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° महिलाओं को गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ की पहली किक दूसरी तिमाही के 17वें से 22वें हफà¥à¤¤à¥‡ में महसूस होती है.
शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में हर किक के बीच काफी वकà¥à¤¤ का अंतराल होता है, लेकिन जैसे-जैसे हफà¥à¤¤à¥‡ बीतते जाते हैं, उसकी हरकतों का अहसास बढ़ने लगता है. आमतौर पर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के 20वें से 30वें सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ के बीच बचà¥â€à¤šà¥‡ की किक जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तेज होती है. इस दौरान शिशॠकी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ और जोड़ शेप में आना शà¥à¤°à¥‚ ही करते हैं. 35वें सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ के बाद से किक में कमी आने लगती है.
जानिठऔर किस तरह के मूवमेंट करता है शिशà¥
1- गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में काफी पहले ही आपका बचà¥à¤šà¤¾ हिलना-डà¥à¤²à¤¨à¤¾, शरीर को à¤à¤• तरफ मोड़ना और चौंकना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है. लेकिन तब हमें इसका इतना अहसास नहीं होता.
2- जैसे-जैसे शिशॠकी मांसपेशियां विकसित होती हैं , वो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मोड़ना और फैलाना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है.
3- जब बचà¥à¤šà¥‡ का सेंटà¥à¤°à¤² नरà¥à¤µà¤¸ सिसà¥à¤Ÿà¤® बन जाता है, तब वो हिचकी लेना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है. आमतौर पर à¤à¤¸à¤¾ पहली तिमाही से ही शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है. लेकिन तब हिचकी बेहद हलà¥à¤•ी होने की वजह से इसका पता नहीं चल पाता. आमतौर हिचकी का अहसास महिलाओं को दूसरी तिमाही में होता है. कई बार शिशॠकी हिचकी à¤à¥€ किक की तरह लगती है.
4- 10वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠअपना सिर हिला सकता है. अपने चेहरे को छूने के लिठहाथ बढ़ा सकता है और अपना जबड़ा खोल सकता है.
5- दूसरी तिमाही में शिशॠमां के शरीर से à¤à¤®à¤¿à¤¨à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¤¸à¤¿à¤¡ फà¥à¤²à¥‚ड निगलना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है. जैसे-जैसे शिशॠबड़ा होने लगता है वो जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक सोने लगता है. यही वजह है कि तीसरी तिमाही में उसके मूवमेंट में कमी आने लगती है.
6- 22वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ की गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में शिशॠगरà¥à¤ में पहà¥à¤‚च रही रोशनी की तरफ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देने लगता है और 23वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के करीब वो बाहर की आवाजें और शोर सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ लगता है. इसके हिसाब से हिलता-डà¥à¤²à¤¤à¤¾ à¤à¥€ है.
7- गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के अंतिम चरण में पहà¥à¤‚चकर शिशॠके पास अब हिलने-डà¥à¤²à¤¨à¥‡ के लिठकम जगह होती है. इसलिठउसकी हलचल अब छोटी हो जाती है, लेकिन उसका हिलना आपको महसूस होगा.
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